पार्किन्संस एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है या तंत्रिका तंत्र (nervous system) की एक स्थिति है जिसमें शरीर की गति में समस्याएं हो जाती हैं हालांकि कुछ गैर गतिय ( non-motor) लक्षण भी हो सकते हैं।
पार्किन्संस एक धीर-धीरे बढ़ने वाली बीमारी है जो कि जीवन चर्या को बदल देती है, लेकिन इससे जीवन को खतरा नहीं होता है। पार्किन्संस बीमारी के लक्षण धीरे-धीरे दिखाई देना शुरू होते हैं और आमतौर पर शरीर के एक हिस्से की तरफ से शुरू होकर कुछ समय बाद दूसरे हिस्सें में भी फैल जाते हैं।
पार्किन्संस बीमारी का मुख्य शारीरिक लक्षण है शरीर की गतियों में धीमापन आना, मांसपेशियों का सख्त हो जाना और कई बार हिलना-डुलना और संतुलन का बिगड़ जाना । पार्किन्संस बीमारी के लक्षणों का प्रकार और उनकी तीव्रता हर व्यक्ति में अलग – अलग होती हैं। जैसे- जैसे बीमारी बढ़ने लगती है गति संबंधी लक्षणों के अलावा भी लक्षण दिखाई दे सकते हैं जैसे कि डिप्रेशन, निगलने में कठिनाई, यौन समस्याएं या ध्यान संबंधी परिवर्तन ।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि, हर आदमी को पार्किन्संस बीमारी के लक्षण एक जैसे नहीं होते हैं। यह बीमारी हर आदमी को अलग तरह से प्रभावित कर सकती है और कुछ मामलों में तो ऐसा होता है कि कुछ अपंगता या दैनिक गतिविधियों को करने में कठिनाई की स्थिति आने में सालों–साल का समय लग जाता है।